A church registered for 35 years, where people come of their own free will, then why the attack? The priests were beaten up in jail!
भिलाई: भिलाई के कैलाश नगर में स्थित 30 साल पुराने चर्च, जिसका पंजीकरण नगर निगम से प्राप्त किया गया है, में रविवार को पवित्र सभा के दौरान हिंदू विरोधी तत्वों ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर चर्च के सामने आकर सभा में बाधा डाली। इसके बाद उन्होंने चर्च के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
कुछ देर बाद पुलिस ने चर्च के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला और लगभग 40 लोगों को पुलिस बस में भरकर थाने ले जाया गया। बाद में 6 लोगों को जेल में भेज दिया गया, जिनमें पादरी मोसेस लोगन (अखिल भारतीय संयुक्त राष्ट्र मसीह समाज संघ के अध्यक्ष), पास्टर थॉमस, पास्टर अभिनव भक्ष आदि शामिल थे।
जेल में पादरियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें बुरी तरह पीटा गया! फिर अगले दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ में ईसाइयों पर अत्याचार आम बात हो गई है।
बजरंग दल के लोग बिना सोचे-समझे कहीं भी घुस जाते हैं और न तो पुलिस प्रशासन और न ही अधिकारी ईसाइयों का साथ देते हैं। पिछले एक साल में भारत में लगभग 850 अत्याचार की घटनाएं वेटिकन में दर्ज की गई हैं, फिर भी कोई मीडिया या अखबार हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है।
भाजपा के लिए अब सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण बन गया है। इसके अलावा देश में बेरोजगारी, किसानों पर अत्याचार, बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे उनकी नजर में नहीं आते।
इसको पढ़ने वाले हर एक ईसाई से विनती है कि हम अपने देश के लिए प्रार्थना करें। परमेश्वर जिसकी हम नित्य आराधना करते हैं, वह हमें सिंहों की मांद से और राजा के हाथ से बचाने में सक्षम है।