17 जुलाई 2025 को ग़ज़ा शहर में स्थित Holy Family Catholic Church (पवित्र परिवार कैथोलिक चर्च) पर एक इज़राइली सैन्य हमले की खबर सामने आई है। यह ग़ज़ा का एकमात्र कैथोलिक चर्च है। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 9 से 14 लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों में चर्च के पादरी फादर गेब्रिएल रोमानेली भी शामिल हैं, जिन्हें पैर में मामूली चोट आई है।
चर्च में क्या हो रहा था?
यह चर्च Zeitoun नामक इलाके में स्थित है और वहां करीब 450–600 शरणार्थी लोग शरण लिए हुए थे। इनमें बच्चे, महिलाएं, विकलांग लोग और अलग-अलग धर्मों के लोग शामिल थे।
ये लोग इज़राइली हवाई हमलों और ज़मीनी हमलों से बचने के लिए चर्च में शरण लिए हुए थे।
किसने क्या कहा?
Jerusalem के लैटिन पैट्रिआर्केट ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे “धार्मिक स्थल की पवित्रता का उल्लंघन” बताया। उन्होंने युद्ध तुरंत रोकने की मांग की।
इज़राइल सरकार ने कहा कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था और हो सकता है कि यह एक गलत टैंक शेल के कारण हुआ हो। सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि चर्च या धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना उनकी नीति नहीं है।
पोप लियो 14वें, जो पोप फ्रांसिस के बाद चुने गए हैं, ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और तत्काल युद्धविराम की अपील की।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस हमले को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि कोई भी सैन्य लक्ष्य धार्मिक स्थलों पर हमले को जायज़ नहीं ठहरा सकता।
World Council of Churches (विश्व चर्च परिषद) ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षा दी जानी चाहिए।
इसराइल और हमास के बीच जारी युद्ध में यह हमला उन निर्दोष लोगों पर पड़ा है जो चर्च में शांति और सुरक्षा की तलाश में शरण लिए हुए थे। पूरी दुनिया से इस घटना की आलोचना हो रही है, और लोग मांग कर रहे हैं कि **धार्मिक स्थलों