रायपुर डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में अवैध रूप से निर्मित भवन में प्रार्थना सभा संचालित किए जाने के विरोध में रविवार, 27 जुलाई को बड़ी संख्या में बजरंग दल और वीएचपी के कार्यकर्ता जुटे हैं। बजरंग दल ने 15 दिन के अंदर भवन को तोड़ने की चेतावनी दी है। पुलिस ने इस भवन को सील कर दिया है।
वहां पादरी बिनु महानन्द सेवा करते आए हैं। कुछ महीनों पहले भी उस भवन पर विरोधियों द्वारा हमला हुआ था और उस भवन को तोड़ने का प्रयास भी किया गया था।
मानव सामूहिक प्राणी है। सामूहिकता का यह डिजाइन सृष्टिकर्ता ने इसीलिए बनाया है ताकि दिमाग में पांचों दवाएं बनती रहे। यदि दिमाग में दवा नहीं बनेगी तो, कोशिकाओं में पहुंचा हुआ विष बाहर सक्षमता से निकल नहीं पाएगा। और बीमारी हो जाएगी। स्वास्थ्य, समृद्धि
और समाधान ये तीन ही लक्ष्य है इस पृथ्वी में जीने के।
हांथ से बनाए भवन में परमेश्वर वास नहीं करते है। हमारी देह परमेश्वर का मंदिर / भवन है। इस भवन को कोई तोड़ नहीं सकता है।
शैतानी, शक्तिविहीन है और सनातनी शक्तिशाली है। लड़ाई और बीमारी शैतानी तंत्र का षडयंत्र है, इसे समाप्त करने के लिए रिश्ता बदलना होता है। गुलामी के रिश्ते को दोस्ती में बदलना। तब ही प्यार होता है। जहां प्यार है वहां माफी और त्याग हैं। तभी उद्धार और पुनरुत्थान होता है। यही मार्ग है, सत्य है, और जीवन है। इसीलिए यीशु मसीह ने कहा “मार्ग सत्य और जीवन में ही हूं”
समूह में मिलना आवश्यक है। बजरंग दल भी इसीलिए बने है कि वे स्वास्थ्य समृद्धि और समाधान प्राप्त करे और इसे प्राप्त करने में मदद करें। मगर शैतानी तंत्र के बहकावे में भटक गए है। इसमें उनका या किसी और का कोई फायदा नहीं होगा। सब के सब वैक्सीन लगा कर घूम रहे है। डिटॉक्स न करे तो समय के पहिले टपक जाएंगे। चाहे वे कोई भी दल के क्यों न हो। स्वास्थ्य के लक्ष्य को न पाओगे तो समृद्धि और समाधान दोनों खर्च हो जाएंगे स्वास्थ्य पाने के लिए।