रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने ईसाई धर्म में परिवर्तित हुए लोगों के लिए सहायता बंद करने का निर्णय लिया है। आरोप है कि ये लोग वनवासी गोंडवाना क्षेत्र के आदिवासी वर्गों के लिए निर्धारित सहायता हड़प रहे हैं।
राज्य की जनसंख्या का 30.62 प्रतिशत वनवासी हैं। इनमें हिंदू, ईसाई और आदिवासी शामिल हैं। इनमें से 6 प्रतिशत धर्मांतरित वर्ग हैं। ये लोग अभी भी पारंपरिक आदिवासी वर्गों के लिए निर्धारित लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि ये लोग आदिवासियों की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के बजाय अपने स्वार्थ के लिए इन लाभों का उपयोग कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है।
सरकार का उद्देश्य आदिवासियों की त्वचा और संस्कृति को बचाना है और उन्हें उनके अधिकारों का लाभ दिलाना है।