अपना बोझ प्रभु पर डाल कभी ना घबराना तेरा आदर मान करेगा आश्चर्यकर्म करेगा तारणहारा हमारी शरण साये में लेकर चलता है अपना बोझ… माता पिता यदि छोड़ देवें वो तो गले से लगायेगा अपना बोझ… पूरा समर्पण उसको करें वो ही सबकुछ देखेगा बोझ प्रभु पर डाल दिया है अब क्यों घबराना वो ही आदर मान करेगा आश्चर्यकर्म करेगा