गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश – सुसमाचार प्रचार (ईवेंजेलिज़्म) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पास्टर विनोद कुञ्जुमोन को एक बार फिर जमानत नहीं मिली। यह तीसरी बार है जब कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को समन भी भेजा है।
16 जून से ही मिशनरी कार्य कर रहे लोगों को झूठे आरोपों के तहत गैर-जमानती धाराओं में जेल में डाला जा रहा है। गाज़ियाबाद के साहिबाबाद में रहने वाले मलयाली पास्टर विनोद कुञ्जुमोन और उनके साथी प्रेमचंद यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
बजरंग दल के नेता प्रबाल गुप्ता की शिकायत पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, पास्टर विनोद और उनके साथी न्यायिक हिरासत (रिमांड) में हैं।