ले चलता है, प्रभु मुझे ले चलता है दिन प्रतिदिन, फजल से मुझे वो ले चलाता मुझे | भूमि पे जितने भी दिन हैं मेरे, महफूज रख़ेगा पंखो तले चिंता नहीं, कोई डर भी नहीं मेरा भविष्य है उसके हाथो में। घोर अंधकार से भरी हो राहें अपने भी जब मुझे छोड़ जाएँ साथ चले हमसफर बनके, पंखों की आड में छुपाया मुझे। मेरे दिल की सारी व्यकुलता को, औरों से बढकर जनता प्रभु चिंताओ में, सारी मुश्किलो में, शांति से दिल को भरता है वो |